अम्ल, क्षार और लवण: संपूर्ण सिद्धांत एवं रासायनिक सूत्र
# **अध्याय:
अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts)**
## **1. अम्ल (Acids)**
### **परिभाषा एवं मूल अवधारणा**
– ‘Acid’ शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द **’Acidus’** से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ **’खट्टा’** होता है।
– **आरहेनियस (Arrhenius) सिद्धांत के अनुसार:** अम्ल वे रासायनिक पदार्थ हैं जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन ($\text{H}^+$) या हाइड्रोनियम आयन ($\text{H}\_3\text{O}^+$) प्रदान करते हैं।
$$\text{H}^+ + \text{H}\_2\text{O} \rightarrow \text{H}\_3\text{O}^+$$
### **अम्ल के मुख्य भौतिक गुण**
1. इनका स्वाद खट्टा होता है।
2. यह नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।
3. इनका pH मान 7 से कम होता है ($< 7$)।
4. अम्लों का जलीय विलयन विद्युत का चालन (Conduction of Electricity) करता है।
### **अम्लों का विस्तृत वर्गीकरण**
#### **(A) उत्पत्ति / स्रोत के आधार पर:**
1. **कार्बनिक / प्राकृतिक अम्ल (Organic Acids):** जो प्राकृतिक स्रोतों (पौधों एवं जंतुओं) से प्राप्त होते हैं। ये दुर्बल अम्ल होते हैं।
2. **खनिज / संश्लेषित अम्ल (Mineral Acids):** जिन्हें प्रयोगशाला में अकार्बनिक पदार्थों से तैयार किया जाता है (जैसे: $\text{HCl}$, $\text{H}\_2\text{SO}\_4$, $\text{HNO}\_3$)।
**प्रमुख प्राकृतिक अम्ल और उनके स्रोत:**
| **अम्ल का नाम** | **IUPAC / रासायनिक नाम** | **रासायनिक सूत्र** | **प्राकृतिक स्रोत** |
| ——————- | ———————— | ———————————– | ——————————– |
| फॉर्मिक अम्ल | मेथेनॉइक अम्ल | $\text{HCOOH}$ | लाल चींटी, बिच्छू, नेट्टल का डंक |
| एसिटिक अम्ल | एथेनॉइक अम्ल | $\text{CH}\_3\text{COOH}$ | सिरका |
| साइट्रिक अम्ल | – | $\text{C}\_6\text{H}\_8\text{O}\_7$ | नींबू, संतरा, आंवला, खट्टे फल |
| टार्टरिक अम्ल | – | $\text{C}\_4\text{H}\_6\text{O}\_6$ | इमली, अंगूर, कच्चा आम |
| लैक्टिक अम्ल | – | $\text{C}\_3\text{H}\_6\text{O}\_3$ | दही, खट्टा दूध |
| ऑक्जेलिक अम्ल | – | $\text{C}\_2\text{H}\_2\text{O}\_4$ | टमाटर, सोरेल का पौधा |
| बेन्जोइक अम्ल | – | $\text{C}\_7\text{H}\_6\text{O}\_2$ | घास, पत्तियाँ |
| हाइड्रोक्लोरिक अम्ल | – | $\text{HCl}$ | आमाशय (जठर रस) |
#### **(B) आयनीकरण / प्रबलता के आधार पर:**
1. **प्रबल अम्ल (Strong Acids):** जो जल में पूर्णतः आयनीकृत होकर अत्यधिक मात्रा में $\text{H}^+$ आयन देते हैं।
$$\text{HCl (aq)} \rightarrow \text{H}^+ \text{(aq)} + \text{Cl}^- \text{(aq)}$$
$$\text{H}\_2\text{SO}\_4 \text{ (aq)} \rightarrow 2\text{H}^+ \text{(aq)} + \text{SO}\_4^{2-} \text{(aq)}$$
$$\text{HNO}\_3 \text{ (aq)} \rightarrow \text{H}^+ \text{(aq)} + \text{NO}\_3^- \text{(aq)}$$
2. **दुर्बल अम्ल (Weak Acids):** जो जल में आंशिक (कम) रूप से आयनीकृत होते हैं।
$$\text{CH}\_3\text{COOH (aq)} \rightleftharpoons \text{CH}\_3\text{COO}^- \text{(aq)} + \text{H}^+ \text{(aq)}$$
*उदा:* एसिटिक अम्ल, कार्बनिक अम्ल ($\text{H}\_2\text{CO}\_3$), ऑक्जेलिक अम्ल।
#### **(C) सांद्रता के आधार पर:**
1. **सांद्र अम्ल (Concentrated Acid):** जिसमें अम्ल की मात्रा अधिक तथा जल की मात्रा न्यूनतम होती है।
2. **तनु अम्ल (Dilute Acid):** जिसमें जल की मात्रा अधिक तथा अम्ल की मात्रा कम होती है।
## **2. क्षारक एवं क्षार (Bases and Alkalis)**
### **परिभाषा एवं मूल गुण**
– **आरहेनियस सिद्धांत के अनुसार:** क्षारक वे पदार्थ हैं जो जल में घुलकर हाइड्रॉक्साइड आयन ($\text{OH}^-$) उत्पन्न करते हैं।
– **मुख्य गुण:**
1. इनका स्वाद कड़वा होता है तथा स्पर्श साबुन जैसा चिकना होता है।
2. यह लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है।
3. इनका pH मान 7 से अधिक होता है ($> 7$)।
### **जल में आयनीकरण अभिक्रियाएँ:**
$$\text{NaOH (s)} \xrightarrow{\text{H}\_2\text{O}} \text{Na}^+ \text{(aq)} + \text{OH}^- \text{(aq)}$$
$$\text{KOH (s)} \xrightarrow{\text{H}\_2\text{O}} \text{K}^+ \text{(aq)} + \text{OH}^- \text{(aq)}$$
### **क्षारक एवं क्षार में अंतर**
– **क्षारक (Base):** वे सभी धातु ऑक्साइड/हाइड्रॉक्साइड जो अम्ल को उदासीन कर सकते हैं।
– **क्षार (Alkali):** जल में घुलनशील क्षारकों को **क्षार** कहते हैं। (जैसे: $\text{NaOH}$, $\text{KOH}$, $\text{Ca(OH)}\_2$)
> **कथन:** *”सभी क्षार क्षारक होते हैं, परंतु सभी क्षारक क्षार नहीं होते।”* (क्योंकि $\text{Fe(OH)}\_3$, $\text{Cu(OH)}\_2$ क्षारक हैं लेकिन जल में अघुलनशील होने के कारण क्षार नहीं हैं।)
>
>
>
## **3. अम्ल एवं क्षारक में मुख्य अंतर (सुलभ तुलना)**
| **गुण / लक्षण** | **अम्ल (Acid)** | **क्षारक (Base)** |
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| **स्वाद** | इनका स्वाद खट्टा होता है। | इनका स्वाद कड़वा (कसैला) होता है। |
| **स्पर्श** | ये त्वचा पर जलन पैदा करते हैं। | ये स्पर्श करने पर साबुन जैसे चिकने होते हैं। |
| **$\text{H}^+$ / $\text{OH}^-$ आयन** | ये जल में घुलकर $\text{H}^+$ (या $\text{H}\_3\text{O}^+$) आयन देते हैं। | ये जल में घुलकर $\text{OH}^-$ आयन देते हैं। |
| **लिटमस पर प्रभाव** | ये नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं। | ये लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं। |
| **pH मान** | इनका pH मान 7 से कम होता है ($< 7$)। | इनका pH मान 7 से अधिक होता है ($> 7$)। |
| **फिनोल्फथैलीन** | फिनोल्फथैलीन के रंग को **रंगहीन** रखता है। | फिनोल्फथैलीन को **गुलाबी** कर देता है। |
| **मिथाइल ऑरेंज** | मिथाइल ऑरेंज को **लाल** कर देता है। | मिथाइल ऑरेंज को **पीला** कर देता है। |
| **धातु से अभिक्रिया** | धातुओं से अभिक्रिया कर $\text{H}\_2$ गैस देते हैं। | केवल कुछ विशेष धातुओं ($\text{Zn}, \text{Al}$) से ही अभिक्रिया करते हैं। |
## **4. सूचक (Indicators)**
सूचक वे रासायनिक पदार्थ हैं जो किसी विलयन के अम्लीय या क्षारकीय होने का ज्ञान अपने रंग या गंध में परिवर्तन द्वारा कराते हैं।
### **लिटमस (Litmus) के बारे में विस्तृत जानकारी**
– **स्रोत:** लिटमस बैगनी (Purple) रंग का एक प्राकृतिक रंजक (Dye) होता है, जो **थैलोफाइटा (Thallophyta)** समूह के **लाइकेन (Lichen)** नामक पौधे से निकाला जाता है।
– **उदासीन स्थिति:** जब लिटमस विलयन न तो अम्लीय होता है और न ही क्षारकीय, तब इसका रंग **बैगनी** होता है।
– **रूप:** बाजार में लिटमस दो रूपों में उपलब्ध होता है:
1. **विलयन के रूप में:** नीला लिटमस विलयन और लाल लिटमस विलयन।
2. **कागज की पट्टियों (Litmus Paper) के रूप में:** नीला लिटमस पत्र और लाल लिटमस पत्र।
### **सूचकों के प्रकार एवं रंग परिवर्तन तालिका**
| **वर्ग** | **सूचक** | **मूल रंग** | **अम्लीय माध्यम में** | **क्षारकीय माध्यम में** |
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| **प्राकृतिक सूचक** | नीला लिटमस | नीला | **लाल** | कोई परिवर्तन नहीं |
| | लाल लिटमस | लाल | कोई परिवर्तन नहीं | **नीला** |
| | हल्दी | पीला | पीला (अपरिवर्तित) | **भूरा-लाल** |
| | लाल पत्तागोभी का रस | बैगनी | **लाल** | **हरा** |
| | हाइड्रेंजिया का फूल | नीला | नीला | **गुलाबी** |
| **संश्लेषित (कृत्रिम)** | फिनोल्फथैलीन | रंगहीन | **रंगहीन** | **गुलाबी** |
| | मिथाइल ऑरेंज | नारंगी | **लाल** | **पीला** |
| **गंधीय सूचक** | प्याज का रस | तीक्ष्ण गंध | गंध बनी रहती है | **गंध समाप्त** |
| | वैनिला ऐसेंस | मधुर गंध | गंध बनी रहती है | **गंध समाप्त** |
| | लौंग का तेल | विशिष्ट गंध | गंध बनी रहती है | **गंध समाप्त** |
> **याद रखने की ट्रिक:**
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> – **अनिल:** **अ**म्ल $\rightarrow$ **नि**ले को **ल**ाल करता है।
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> – **छलनी:** **छ**ार $\rightarrow$ **ल**ाल को **नी**ला करता है।
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## **5. अम्ल और क्षार की रासायनिक अभिक्रियाओं का माइंड मैप**
“`
[ अम्ल के रासायनिक गुण ]
│
┌─────────────────┬───────────┴───────────┬─────────────────┐
│ │ │ │
+ धातु + धातु कार्बोनेट + क्षारक + धातु ऑक्साइड
│ │ │ │
▼ ▼ ▼ ▼
लवण + H₂ लवण + CO₂ + H₂O लवण + H₂O लवण + H₂O
[ क्षारक के रासायनिक गुण ]
│
┌─────────────────┬───────────┴───────────┬─────────────────┐
│ │ │ │
+ धातु + धातु कार्बोनेट + अम्ल + अधातु ऑक्साइड
│ │ │ │
▼ ▼ ▼ ▼
लवण + H₂ (कोई अभिक्रिया नहीं) लवण + H₂O लवण + H₂O
“`
## **6. अम्ल एवं क्षार के विस्तृत रासायनिक गुणधर्म (4-4 उदाहरणों के साथ)**
### **1. धातुओं के साथ अभिक्रिया**
– **अम्ल + सक्रिय धातु $\rightarrow$ लवण + हाइड्रोजन गैस ($\text{H}\_2\uparrow$)**
**4 रासायनिक उदाहरण:**
1. $\text{Zn (s)} + 2\text{HCl (aq)} \rightarrow \text{ZnCl}\_2 \text{ (aq)} + \text{H}\_2 \text{ (g)}\uparrow$
2. $\text{Zn (s)} + \text{H}\_2\text{SO}\_4 \text{ (aq)} \rightarrow \text{ZnSO}\_4 \text{ (aq)} + \text{H}\_2 \text{ (g)}\uparrow$
3. $\text{Mg (s)} + 2\text{HCl (aq)} \rightarrow \text{MgCl}\_2 \text{ (aq)} + \text{H}\_2 \text{ (g)}\uparrow$
4. $2\text{Al (s)} + 3\text{H}\_2\text{SO}\_4 \text{ (aq)} \rightarrow \text{Al}\_2(\text{SO}\_4)\_3 \text{ (aq)} + 3\text{H}\_2 \text{ (g)}\uparrow$
– **क्षार + धातु $\rightarrow$ लवण + हाइड्रोजन गैस ($\text{H}\_2\uparrow$)** *(केवल कुछ सक्रिय धातुओं के साथ)*
$$2\text{NaOH (aq)} + \text{Zn (s)} \xrightarrow{\Delta} \underset{\text{सोडियम ज़िंकेट}}{\text{Na}\_2\text{ZnO}\_2 \text{ (aq)}} + \text{H}\_2 \text{ (g)}\uparrow$$
#### **पॉप टेस्ट (Pop Test) की विस्तृत विधि:**
– **उद्देश्य:** अभिक्रिया में निकली **हाइड्रोजन गैस ($\text{H}\_2$)** की पहचान करना।
– **प्रयोग विधि:**
1. एक परखनली में जस्ते के टुकड़े ($\text{Zn}$) लेकर उसमें तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($\text{HCl}$) मिलाते हैं।
2. निकलने वाली गैस को निकास नली द्वारा साबुन के घोल से भरे पात्र में प्रवाहित करते हैं, जिससे साबुन के हाइड्रोजन गैस से भरे बुलबुले बनते हैं।
3. जब इन बुलबुलों के पास जलती हुई मोमबत्ती या तीली ले जाई जाती है, तो हाइड्रोजन गैस **’पॉप’ (Pop – पटाखे जैसी) ध्वनि** के साथ जलती है।
### **2. धातु कार्बोनेट तथा धातु बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया**
– अम्ल धातु कार्बोनेट तथा बाइकार्बोनेट से अभिक्रिया करके लवण, जल तथा $\text{CO}\_2$ गैस बनाते हैं।
**4 रासायनिक उदाहरण:**
1. $\text{Na}\_2\text{CO}\_3 \text{ (s)} + 2\text{HCl (aq)} \rightarrow 2\text{NaCl (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)} + \text{CO}\_2 \text{ (g)}\uparrow$
2. $\text{NaHCO}\_3 \text{ (s)} + \text{HCl (aq)} \rightarrow \text{NaCl (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)} + \text{CO}\_2 \text{ (g)}\uparrow$
3. $\text{CaCO}\_3 \text{ (s)} + 2\text{HCl (aq)} \rightarrow \text{CaCl}\_2 \text{ (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)} + \text{CO}\_2 \text{ (g)}\uparrow$
4. $\text{MgCO}\_3 \text{ (s)} + \text{H}\_2\text{SO}\_4 \text{ (aq)} \rightarrow \text{MgSO}\_4 \text{ (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)} + \text{CO}\_2 \text{ (g)}\uparrow$
– **विशेष नोट:** क्षार धातु कार्बोनेट या बाइकार्बोनेट के साथ **अभिक्रिया नहीं करते**।
– **$\text{CO}\_2$ गैस की जाँच (चूने के पानी का परीक्षण):**
$\text{CO}\_2$ गैस को चूने के पानी [$\text{Ca(OH)}\_2$] में प्रवाहित करने पर चूने का पानी **दूधिया (Milky)** हो जाता है:
$$\text{Ca(OH)}\_2 \text{ (aq)} + \text{CO}\_2 \text{ (g)} \rightarrow \underset{\text{कैल्शियम कार्बोनेट (सफेद अवक्षेप)}}{\text{CaCO}\_3 \text{ (s)}} + \text{H}\_2\text{O (l)}$$
*अत्यधिक $\text{CO}\_2$ प्रवाहित करने पर दूधियापन समाप्त हो जाता है:*
$$\text{CaCO}\_3 \text{ (s)} + \text{H}\_2\text{O (l)} + \text{CO}\_2 \text{ (g)} \rightarrow \underset{\text{जल में विलेयशील}}{\text{Ca(HCO}\_3)\_2 \text{ (aq)}}$$
### **3. अम्ल एवं क्षारक की परस्पर अभिक्रिया (उदासीनीकरण अभिक्रिया)**
जब अम्ल तथा क्षारक आपस में अभिक्रिया करके एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं और लवण तथा जल बनाते हैं, तो इसे **उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction)** कहते हैं।
**4 रासायनिक उदाहरण:**
1. $\text{HCl (aq)} + \text{NaOH (aq)} \rightarrow \text{NaCl (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
2. $\text{H}\_2\text{SO}\_4 \text{ (aq)} + 2\text{KOH (aq)} \rightarrow \text{K}\_2\text{SO}\_4 \text{ (aq)} + 2\text{H}\_2\text{O (l)}$
3. $\text{HNO}\_3 \text{ (aq)} + \text{NaOH (aq)} \rightarrow \text{NaNO}\_3 \text{ (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
4. $\text{CH}\_3\text{COOH (aq)} + \text{NaOH (aq)} \rightarrow \text{CH}\_3\text{COONa (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
### **4. धातु ऑक्साइडों की अम्ल के साथ अभिक्रिया**
– धातु ऑक्साइड **क्षारकीय प्रकृति** के होते हैं। अतः ये अम्ल से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
**4 रासायनिक उदाहरण:**
1. $\text{CuO (s)} + 2\text{HCl (aq)} \rightarrow \underset{\text{कॉपर क्लोराइड (नीला-हरा विलयन)}}{\text{CuCl}\_2 \text{ (aq)}} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
2. $\text{MgO (s)} + 2\text{HCl (aq)} \rightarrow \text{MgCl}\_2 \text{ (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
3. $\text{CaO (s)} + \text{H}\_2\text{SO}\_4 \text{ (aq)} \rightarrow \text{CaSO}\_4 \text{ (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
4. $\text{Fe}\_2\text{O}\_3 \text{ (s)} + 6\text{HCl (aq)} \rightarrow 2\text{FeCl}\_3 \text{ (aq)} + 3\text{H}\_2\text{O (l)}$
### **5. अधातु ऑक्साइडों की क्षारक के साथ अभिक्रिया**
– अधातु ऑक्साइड **अम्लीय प्रकृति** के होते हैं। अतः ये क्षारक से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
**4 रासायनिक उदाहरण:**
1. $\text{Ca(OH)}\_2 \text{ (aq)} + \text{CO}\_2 \text{ (g)} \rightarrow \text{CaCO}\_3 \text{ (s)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
2. $2\text{NaOH (aq)} + \text{CO}\_2 \text{ (g)} \rightarrow \text{Na}\_2\text{CO}\_3 \text{ (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
3. $2\text{NaOH (aq)} + \text{SO}\_2 \text{ (g)} \rightarrow \text{Na}\_2\text{SO}\_3 \text{ (aq)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
4. $\text{Ca(OH)}\_2 \text{ (aq)} + \text{SO}\_3 \text{ (g)} \rightarrow \text{CaSO}\_4 \text{ (s)} + \text{H}\_2\text{O (l)}$
## **7. तनुकरण एवं सावधानियाँ (Dilution)**
– **तनुकरण (Dilution):** जल में अम्ल या क्षारक मिलाने पर प्रति इकाई आयतन में आयनों ($\text{H}\_3\text{O}^+$ या $\text{OH}^-$) की सांद्रता घट जाती है।
– **महत्वपूर्ण सावधानी:**
अम्ल को तनुकृत करते समय **हमेशा जल में अम्ल को धीरे-धीरे तथा लगातार हिलाते हुए मिलाना चाहिए**।
सांद्र अम्ल में जल कभी नहीं मिलाना चाहिए, क्योंकि यह प्रक्रिया अत्यंत **ऊष्माक्षेपी (Exothermic)** होती है। यदि जल को अम्ल में डाला जाएगा तो उत्पन्न अत्यधिक ऊष्मा से मिश्रण छिटककर बाहर आ सकता है तथा काँच का बर्तन टूट सकता है।
## **8.
pH स्केल एवं दैनिक जीवन में इसका महत्व**
### **pH स्केल क्या है?**
– किसी विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन ($\text{H}^+$) की सांद्रता को मापने के लिए **सॉरेनसेन (Sørensen, 1909)** ने एक स्केल विकसित किया जिसे **pH स्केल** कहते हैं।
– **p** = ‘potenz’ (जर्मन शब्द = शक्ति/Power)
– **H** = Hydrogen Ion
– **गणितीय सूत्र:** $\text{pH} = -\log\_{10} [\text{H}^+]$
“`
प्रबल अम्ल दुर्बल अम्ल दुर्बल क्षार प्रबल क्षार
|—|—|—|—|—|—|—|—|—|—|—|—|—|—|—|
0 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
↑
उदासीन
“`
– **$\text{pH} = 7 \rightarrow$ उदासीन विलयन** (शुद्ध जल)
– **$\text{pH} < 7 \rightarrow$ अम्लीय विलयन** (pH जितना कम, अम्लीयता उतनी अधिक)
– **$\text{pH} > 7 \rightarrow$ क्षारकीय विलयन** (pH जितना अधिक, क्षारकीयता उतनी अधिक)
### **विभिन्न पदार्थों के मानक pH मान**
| **पदार्थ** | **pH मान** | **प्रकृति** |
| ————————————— | ———- | ——————– |
| जठर रस (आमाशय में $\text{HCl}$) | 1.2 – 3.5 | अत्यधिक अम्लीय |
| नींबू का रस | 2.2 | अम्लीय |
| सिरका | 3.0 | अम्लीय |
| शराब | 2.8 | अम्लीय |
| मानव मूत्र | 4.8 – 7.5 | हल्का अम्लीय/क्षारीय |
| दूध | 6.5 | हल्का अम्लीय |
| शुद्ध जल / $\text{NaCl}$ विलयन | 7.0 | उदासीन |
| मानव रक्त / आँसू / लार | 7.4 | हल्का क्षारकीय |
| अम्ल वर्षा का जल | < 5.6 | अम्लीय |
| टूथपेस्ट | 8.0 – 9.0 | क्षारकीय |
| चूने का पानी | 12.0 | क्षारकीय |
| सोडियम हाइड्रोक्साइड (1M $\text{NaOH}$) | 14.0 | प्रबल क्षारकीय |
### **दैनिक जीवन में pH का महत्व**
1. **शरीर का अनुकूल pH:** हमारा शरीर $7.0$ से $7.8$ pH परास (Range) के बीच सही ढंग से कार्य करता है।
2. **अम्लीय वर्षा (Acid Rain):** वर्षा के जल का pH $5.6$ से कम होने पर वह अम्लीय वर्षा कहलाती है। यह नदियों में बहकर जलचरों की उत्तरजीविता को संकट में डालती है।
3. **मिट्टी की अम्लीयता एवं उपचार:** फसल की अच्छी उपज के लिए मिट्टी का pH संतुलित होना चाहिए। अम्लीय मिट्टी को सुधारने के लिए उसमें बुझा चूना [$\text{Ca(OH)}\_2$] या बिना बुझा चूना ($\text{CaO}$) मिलाया जाता है।
4. **पाचन तंत्र में pH (Hyperacidity):** अपच के दौरान आमाशय में अत्यधिक $\text{HCl}$ अम्ल बनता है। इससे राहत पाने के लिए दुर्बल क्षारकीय **ऐंटासिड (Antacid)** जैसे मिल्क ऑफ मैग्नेशिया [$\text{Mg(OH)}\_2$] लिया जाता है।
5. **दंत-क्षय (Tooth Decay):** मुँह का pH $5.5$ से कम होने पर दाँतों का आवरण **इनैमल (कैल्शियम फॉस्फेट/कैल्शियम हाइड्रोक्सीएपैटाइट)** संक्षारित होने लगता है। क्षारकीय टूथपेस्ट से मुँह साफ करने पर अम्ल उदासीन हो जाता है।
6. **कीटों के डंक से रक्षा:** मधुमक्खी या चींटी के डंक में **मेथेनॉइक (फॉर्मिक) अम्ल** होता है। डंक स्थान पर दुर्बल क्षार जैसे बेकिंग सोडा ($\text{NaHCO}\_3$) लगाने से उदासीनीकरण होता है और दर्द में राहत मिलती है।
## **9. लवण (Salts)**
अम्ल और क्षारक की उदासीनीकरण अभिक्रिया के फलस्वरूप बने आयनिक यौगिक को **लवण** कहते हैं।
### **लवणों के प्रकार:**
1. **उदासीन लवण (Neutral Salt):** प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक $\rightarrow$ pH = 7 (उदा: $\text{NaCl}$, $\text{KNO}\_3$)
2. **अम्लीय लवण (Acidic Salt):** प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक $\rightarrow$ pH < 7 (उदा: $\text{NH}\_4\text{Cl}$, $\text{AlCl}\_3$)
3. **क्षारकीय लवण (Basic Salt):** दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक $\rightarrow$ pH > 7 (उदा: $\text{CH}\_3\text{COONa}$, $\text{Na}\_2\text{CO}\_3$)
## **10. साधारण नमक से निर्मित प्रमुख रसायन**
### **1. सोडियम हाइड्रोक्साइड / कास्टिक सोडा ($\text{NaOH}$)**
– **निर्माण प्रक्रम (क्लोर-क्षार प्रक्रिया / Chlor-Alkali Process):**
सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन (Brine) में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर यह विघटित होकर $\text{NaOH}$, $\text{Cl}\_2$ तथा $\text{H}\_2$ देता है।
$$2\text{NaCl (aq)} + 2\text{H}\_2\text{O (l)} \xrightarrow{\text{विद्युत अपघटन}} 2\text{NaOH (aq)} + \text{Cl}\_2 \text{ (g)}\uparrow + \text{H}\_2 \text{ (g)}\uparrow$$
– **इलेक्ट्रोड अभिक्रियाएँ:**
– **एनोड (+):** $\text{Cl}\_2$ गैस
– **कैथोड (-):** $\text{H}\_2$ गैस
– **कैथोड के समीप:** $\text{NaOH}$ का जलीय विलयन
– **उत्पादों के उपयोग:**
– **$\text{NaOH}$:** साबुन, अपमार्जक, कागज उद्योग तथा धातुओं से ग्रीस हटाने में।
– **$\text{Cl}\_2$:** जल शोधन (रोगाणुनाशक), स्विमिंग पूल, PVC, CFCs तथा कीटनाशक बनाने में।
– **$\text{H}\_2$:** अमोनिया (उर्वरक के लिए), ईंधन एवं मार्गरीन बनाने में।
### **2. विरंजक चूर्ण / ब्लीचिंग पाउडर ($\text{CaOCl}\_2$)**
– **रासायनिक नाम:** कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
– **निर्माण:** शुष्क बुझे हुए चूने पर क्लोरीन गैस की अभिक्रिया से।
$$\text{Ca(OH)}\_2 + \text{Cl}\_2 \rightarrow \text{CaOCl}\_2 + \text{H}\_2\text{O}$$
– **उपयोग:**
1. वस्त्र उद्योग (सूती एवं लिनेन) तथा कागज़ उद्योग में लकड़ी की मज्जा का विरंजन (Bleaching) करने में।
2. पीने के पानी को जीवाणुमुक्त (विषाणुनाशक) करने में।
3. रासायनिक उद्योगों में एक शक्तिशाली **उपचायक (Oxidizing Agent)** के रूप में।
### **3. बेकिंग सोडा / खाने का सोडा ($\text{NaHCO}\_3$)**
– **रासायनिक नाम:** सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट या सोडियम बाइकार्बोनेट
– **निर्माण (सोलवे / अमोनिया-सोडा प्रक्रम):**
$$\text{NaCl} + \text{H}\_2\text{O} + \text{CO}\_2 + \text{NH}\_3 \rightarrow \text{NH}\_4\text{Cl} + \text{NaHCO}\_3$$
– **गर्म करने पर तापीय अपघटन:**
$$2\text{NaHCO}\_3 \xrightarrow{\Delta} \text{Na}\_2\text{CO}\_3 + \text{H}\_2\text{O} + \text{CO}\_2\uparrow$$
– **उपयोग:**
1. **बेकिंग पाउडर बनाने में:** बेकिंग सोडा + टार्टरिक अम्ल का मिश्रण। गर्म करने पर निकलने वाली $\text{CO}\_2$ ब्रेड/केक को फुलाकर स्पंजी एवं मुलायम बना देती है।
2. **ऐंटासिड के रूप में:** पेट की अम्लता को उदासीन करने में।
3. **अग्निशामक में:** सोडा-अम्ल अग्निशामक (Fire Extinguisher) यंत्रों में।
### **4. धोने का सोडा / वाशिंग सोडा ($\text{Na}\_2\text{CO}\_3 \cdot 10\text{H}\_2\text{O}$)**
– **रासायनिक नाम:** सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट
– **निर्माण:** बेकिंग सोडा को गर्म करने से प्राप्त निर्जल सोडियम कार्बोनेट (सोडा ऐश) का जल में पुनः क्रिस्टलीकरण करके बनाया जाता है:
$$2\text{NaHCO}\_3 \xrightarrow{\Delta} \text{Na}\_2\text{CO}\_3 + \text{H}\_2\text{O} + \text{CO}\_2$$
$$\text{Na}\_2\text{CO}\_3 + 10\text{H}\_2\text{O} \rightarrow \text{Na}\_2\text{CO}\_3 \cdot 10\text{H}\_2\text{O}$$
– **उपयोग:**
1. काँच, साबुन एवं कागज़ उद्योगों में।
2. जल की **स्थायी कठोरता (Permanent Hardness)** को दूर करने में।
3. बोरेक्स ($\text{Na}\_2\text{B}\_4\text{O}\_7 \cdot 10\text{H}\_2\text{O}$) जैसे सोडियम यौगिकों के निर्माण में।
4. घरों में कपड़े धोने एवं सफाई के लिए।
### **5. प्लास्टर ऑफ पेरिस / POP ($\text{CaSO}\_4 \cdot \frac{1}{2}\text{H}\_2\text{O}$)**
– **रासायनिक नाम:** कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (अर्धहाइड्रेट)
– **निर्माण:** जिप्सम ($\text{CaSO}\_4 \cdot 2\text{H}\_2\text{O}$) को $373\text{ K}$ ($100^\circ\text{C}$) पर गर्म करने पर यह जल के अणुओं का त्याग करके POP बनाता है:
$$\underset{\text{जिप्सम}}{\text{CaSO}\_4 \cdot 2\text{H}\_2\text{O}} \xrightarrow{373\text{ K}} \underset{\text{POP}}{\text{CaSO}\_4 \cdot \frac{1}{2}\text{H}\_2\text{O}} + 1\frac{1}{2}\text{H}\_2\text{O}$$
– **जल के साथ पुनः जमाव अभिक्रिया:**
$$\text{CaSO}\_4 \cdot \frac{1}{2}\text{H}\_2\text{O} + 1\frac{1}{2}\text{H}\_2\text{O} \rightarrow \underset{\text{कठोर ठोस जिप्सम}}{\text{CaSO}\_4 \cdot 2\text{H}\_2\text{O}}$$
– **उपयोग:**
1. टूटी हुई हड्डियों को सही स्थान पर स्थिर रखने के लिए प्लास्टर के रूप में।
2. खिलौने, मूर्तियाँ, सजावटी सामान एवं सांचे बनाने में।
3. कमरों की छतों एवं दीवारों की सतह को चिकना व समतल बनाने में।
## **11. क्रिस्टलन का जल (Water of Crystallization)**
– **परिभाषा:** किसी लवण के एक सूत्र इकाई (Formula Unit) में निश्चित संख्या में जुड़े जल के अणुओं को **क्रिस्टलन का जल** कहते हैं।
– **प्रमुख उदाहरण तालिका:**
| **लवण का नाम** | **रासायनिक सूत्र** | **जल के अणुओं की संख्या** |
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| नीला थोथा (Blue Vitriol) | $\text{CuSO}\_4 \cdot 5\text{H}\_2\text{O}$ | 5 |
| हरा कसीस (Green Vitriol) | $\text{FeSO}\_4 \cdot 7\text{H}\_2\text{O}$ | 7 |
| सफेद कसीस (White Vitriol) | $\text{ZnSO}\_4 \cdot 7\text{H}\_2\text{O}$ | 7 |
| जिप्सम | $\text{CaSO}\_4 \cdot 2\text{H}\_2\text{O}$ | 2 |
| वाशिंग सोडा | $\text{Na}\_2\text{CO}\_3 \cdot 10\text{H}\_2\text{O}$ | 10 |
## **12. संपूर्ण अध्याय की मास्टर रासायनिक सूत्र तालिका**
| **क्र.सं.** | **साधारण / व्यापारिक नाम** | **रासायनिक नाम** | **शुद्ध रासायनिक सूत्र** |
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| 1 | साधारण नमक | सोडियम क्लोराइड | $\text{NaCl}$ |
| 2 | कास्टिक सोडा | सोडियम हाइड्रोक्साइड | $\text{NaOH}$ |
| 3 | कास्टिक पोटाश | पोटेशियम हाइड्रोक्साइड | $\text{KOH}$ |
| 4 | खाने का सोडा (बेकिंग सोडा) | सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट | $\text{NaHCO}\_3$ |
| 5 | धोने का सोडा (वाशिंग सोडा) | सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट | $\text{Na}\_2\text{CO}\_3 \cdot 10\text{H}\_2\text{O}$ |
| 6 | विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) | कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड | $\text{CaOCl}\_2$ |
| 7 | प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) | कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट | $\text{CaSO}\_4 \cdot \frac{1}{2}\text{H}\_2\text{O}$ |
| 8 | जिप्सम | कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट | $\text{CaSO}\_4 \cdot 2\text{H}\_2\text{O}$ |
| 9 | बिना बुझा चूना | कैल्शियम ऑक्साइड | $\text{CaO}$ |
| 10 | बुझा हुआ चूना | कैल्शियम हाइड्रोक्साइड | $\text{Ca(OH)}\_2$ |
| 11 | चूना पत्थर / संगमरमर / चौक | कैल्शियम कार्बोनेट | $\text{CaCO}\_3$ |
| 12 | नीला थोथा (तुतिया) | कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट | $\text{CuSO}\_4 \cdot 5\text{H}\_2\text{O}$ |
| 13 | हरा कसीस (Green Vitriol) | फेरस सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट | $\text{FeSO}\_4 \cdot 7\text{H}\_2\text{O}$ |
| 14 | सफेद थोथा (White Vitriol) | जिंक सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट | $\text{ZnSO}\_4 \cdot 7\text{H}\_2\text{O}$ |
| 15 | सुहागा | बोरेक्स | $\text{Na}\_2\text{B}\_4\text{O}\_7 \cdot 10\text{H}\_2\text{O}$ |
| 16 | फिटकरी (Potash Alum) | पोटेशियम एल्युमिनियम सल्फेट | $\text{K}\_2\text{SO}\_4 \cdot \text{Al}\_2(\text{SO}\_4)\_3 \cdot 24\text{H}\_2\text{O}$ |
| 17 | शुष्क बर्फ | ठोस कार्बन डाइऑक्साइड | $\text{CO}\_2 \text{ (s)}$ |
| 18 | लाफिंग गैस | नाइट्रस ऑक्साइड | $\text{N}\_2\text{O}$ |
| 19 | लाल दवा | पोटैशियम परमैंगनेट | $\text{KMnO}\_4$ |
| 20 | सिंदूर / हिंगुल | मरक्यूरिक सल्फाइड | $\text{HgS}$ |
| 21 | शोरा | पोटेशियम नाइट्रेट | $\text{KNO}\_3$ |
| 22 | सिरका | एसिटिक अम्ल का तनु जलीय घोल | $\text{CH}\_3\text{COOH (aq)}$ |
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