Engine Components and Vehicle Systems — इंजन भाग व प्रणालियाँ
प्रश्न 2 (a) : इंजन के भागों के कार्य (स्केच सहित)
(i) Cylinder Head
सिलेंडर के ऊपरी भाग को बंद करता है।
इसमें वाल्व, स्पार्क प्लग / इंजेक्टर लगे होते हैं।
दहन कक्ष का निर्माण करता है।
(ii) Piston Rings
गैस लीकेज रोकती हैं।
तेल नियंत्रण करती हैं।
पिस्टन व सिलेंडर के बीच सील बनाती हैं।
(iii) Crankshaft
रैखिक गति को घूर्णन गति में बदलता है।
इंजन की शक्ति बाहर ट्रांसमिट करता है।
(iv) Engine Valves
इनलेट वाल्व: हवा/मिश्रण अंदर लाता है।
एग्जॉस्ट वाल्व: जली हुई गैसें बाहर निकालता है।
प्रश्न 2 (b) : Governor का कार्य (4 अंक)
Governor इंजन की गति को नियंत्रित करता है।
यह लोड बदलने पर ईंधन की आपूर्ति को नियंत्रित कर इंजन की गति को लगभग स्थिर बनाए रखता है।
यह ओवर-स्पीडिंग से इंजन को सुरक्षित रखता है।
प्रश्न 7 (b) : सिंगल पॉइंट एवं मल्टी पॉइंट फ्यूल इंजेक्शन में अंतर
सिंगल पॉइंट इंजेक्शन में एक ही इंजेक्टर होता है जो सभी सिलेंडरों को ईंधन देता है, जबकि मल्टी पॉइंट इंजेक्शन में प्रत्येक सिलेंडर के लिए अलग-अलग इंजेक्टर होता है। मल्टी-पॉइंट सिस्टम अधिक दक्ष और शक्तिशाली होता है।
प्रश्न 3 (a) : Simple Carburettor का कार्य सिद्धांत (6 अंक)
यह Venturi principle पर कार्य करता है।
हवा वेंचुरी से गुजरते समय दबाव कम होता है।
कम दबाव के कारण पेट्रोल जेट से बाहर आता है।
हवा और पेट्रोल मिलकर दहन योग्य मिश्रण बनाते हैं।
(लेबल्ड स्केच: Float chamber, Venturi, Throttle valve, Choke)
प्रश्न 3 (b) : Air Cooling और Water Cooling में अंतर (6 अंक)
| Air Cooling | Water Cooling |
|---|---|
| हवा द्वारा ठंडा | पानी द्वारा ठंडा |
| सरल संरचना | जटिल संरचना |
| हल्का | भारी |
| छोटे इंजनों में उपयोग | बड़े इंजनों में उपयोग |
प्रश्न 4 (a) : Magneto Ignition System (6 अंक)
बैटरी की आवश्यकता नहीं होती।
मैग्नेटो घूर्णन से विद्युत उत्पन्न करता है।
HT करंट स्पार्क प्लग तक जाता है।
पेट्रोल इंजन में उपयोग होता है।
प्रश्न 4 (b) : Constant Mesh
सभी गियर हमेशा मेष में रहते हैं।
डॉग क्लच द्वारा गियर बदले जाते हैं।
शोर कम होता है।
ट्रक व बस में उपयोग।
प्रश्न 5 (a) : Suspension System की आवश्यकता व भाग (6 अंक)
आवश्यकता:
झटके कम करना।
सवारी आरामदायक बनाना।
सड़क पकड़ बनाए रखना।
भाग:
स्प्रिंग
शॉक एब्जॉर्बर
कंट्रोल आर्म
स्टेबलाइज़र बार
प्रश्न 5 (b) : Telescopic Shock Absorber (6 अंक)
दो ट्यूब (इनर व आउटर)।
तेल के प्रवाह से झटके अवशोषित होते हैं।
वाहन को स्थिरता देता है।
प्रश्न 6 (a) : Special Purpose Vehicles (5 अंक)
विशेष कार्य हेतु बनाए गए वाहन।
उदाहरण:
फायर टेंडर
एम्बुलेंस
क्रेन
रोड रोलर
डम्पर
प्रश्न 6 (b) : Motor Grader (7 अंक)
कार्य:
सड़क समतल करना।
मिट्टी फैलाना।
उपयोग:
रोड कंस्ट्रक्शन
मिट्टी ग्रेडिंग
बर्फ हटाना
प्रश्न 7 (a) : Petrol Lubricating System (6 अंक)
तेल ऑयल सैम्प से पंप द्वारा भेजा जाता है।
फिल्टर से साफ किया जाता है।
सभी चलित भागों तक पहुँचता है।
घर्षण कम करता है।
श्न 7 (b) : Single Point व Multi Point Injection में अंतर (6 अंक)
| Single Point | Multi Point |
|---|---|
| एक इंजेक्टर | हर सिलेंडर के लिए अलग |
| सस्ता | महँगा |
| कम दक्ष | अधिक दक्ष |
प्रश्न 7 (a) : पेट्रोल लुब्रिकेशन सिस्टम (स्केच सहित)
पेट्रोल इंजन में लुब्रिकेशन सिस्टम का कार्य इंजन के चलित भागों तक तेल पहुँचाना है। तेल ऑयल सैम्प से पंप द्वारा खींचा जाता है, फिल्टर से साफ किया जाता है और क्रैंकशाफ्ट, कैमशाफ्ट, पिस्टन आदि भागों तक पहुँचाया जाता है। इससे घर्षण और घिसाव कम होता है।
प्रश्न 8 : लघु टिप्पणियाँ (कोई चार, 3-3 अंक)
(i) Cooling System की आवश्यकता
इंजन को ओवरहीटिंग से बचाता है।
(ii) Fuel Injection Pump
ईंधन को उच्च दबाव से भेजता है।
(iii) Thermosyphon Cooling
प्राकृतिक परिसंचरण से ठंडा करता है।
(iv) Lubrication System की आवश्यकता
घर्षण व घिसाव कम करता है।
(v) Universal Joint
कोण पर शक्ति संचार करता है।
(vi) Charging System
बैटरी चार्ज रखता है।
श्न 2 (a) : इंजन के निम्न भागों के कार्य (स्केच सहित)
(i) सिलेंडर हेड (Cylinder Head)
सिलेंडर हेड इंजन के सिलेंडर के ऊपरी भाग को ढकता है। इसमें इनलेट वाल्व, एग्जॉस्ट वाल्व, स्पार्क प्लग (पेट्रोल इंजन में) अथवा फ्यूल इंजेक्टर (डीजल इंजन में) लगे होते हैं। यह दहन कक्ष का निर्माण करता है और दहन के समय उत्पन्न उच्च दबाव को सहन करता है। सिलेंडर हेड में कूलिंग जैकेट और लुब्रिकेशन पासेज भी होते हैं।
(ii) पिस्टन रिंग्स (Piston Rings)
पिस्टन रिंग्स पिस्टन की बाहरी सतह पर लगी होती हैं। इनका मुख्य कार्य सिलेंडर और पिस्टन के बीच गैस रिसाव को रोकना है। ये इंजन ऑयल को नियंत्रित करती हैं तथा पिस्टन से सिलेंडर वॉल तक ऊष्मा स्थानांतरित करती हैं।
(iii) क्रैंकशाफ्ट (Crankshaft)
क्रैंकशाफ्ट इंजन का प्रमुख घूमने वाला भाग है। यह पिस्टन की ऊपर-नीचे की रैखिक गति को घूर्णन गति में बदलता है। इसी घूर्णन गति के माध्यम से इंजन की शक्ति गियरबॉक्स और पहियों तक पहुँचती है। यह उच्च मजबूती वाले स्टील से बनाया जाता है।
(iv) इंजन वाल्व (Engine Valves)
इंजन में दो प्रकार के वाल्व होते हैं — इनलेट वाल्व और एग्जॉस्ट वाल्व। इनलेट वाल्व सिलेंडर में वायु या वायु-ईंधन मिश्रण को प्रवेश करने देता है, जबकि एग्जॉस्ट वाल्व जली हुई गैसों को बाहर निकालता है। ये वाल्व सही समय पर खुलते और बंद होते हैं।
प्रश्न 3 (a) : साधारण कार्ब्यूरेटर का कार्य सिद्धांत (स्केच सहित)
साधारण कार्ब्यूरेटर वेंचुरी सिद्धांत पर कार्य करता है। जब हवा वेंचुरी ट्यूब से गुजरती है तो उसका वेग बढ़ जाता है और दाब कम हो जाता है। इस कम दाब के कारण फ्लोट चैंबर से पेट्रोल जेट द्वारा बाहर निकलता है। हवा और पेट्रोल आपस में मिलकर दहन योग्य मिश्रण बनाते हैं, जिसे इंजन के सिलेंडर में भेजा जाता है।
प्रश्न 3 (b) : एयर कूलिंग एवं वाटर कूलिंग सिस्टम में अंतर
एयर कूलिंग सिस्टम में इंजन को ठंडा करने के लिए हवा का प्रयोग किया जाता है, जबकि वाटर कूलिंग सिस्टम में पानी का प्रयोग होता है। एयर कूलिंग सिस्टम सरल, हल्का और कम खर्चीला होता है, जबकि वाटर कूलिंग सिस्टम अधिक प्रभावी होता है और बड़े इंजनों में उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 4 (a) : मैग्नेटो इग्निशन सिस्टम (स्केच सहित)
मैग्नेटो इग्निशन सिस्टम में बैटरी की आवश्यकता नहीं होती। इसमें मैग्नेटो द्वारा विद्युत धारा उत्पन्न की जाती है। यह धारा HT कॉइल और डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से स्पार्क प्लग तक पहुँचती है, जिससे स्पार्क उत्पन्न होता है और मिश्रण का दहन होता है। यह प्रणाली छोटे पेट्रोल इंजनों में उपयोग होती है।
प्रश्न 4 (b) : कॉन्स्टैंट मेश गियरबॉक्स (स्केच सहित)
कॉन्स्टैंट मेश गियरबॉक्स में सभी गियर हमेशा आपस में मेश रहते हैं। गियर बदलने के लिए डॉग क्लच का प्रयोग किया जाता है। इससे गियर बदलते समय शोर कम होता है और गियर टूटने की संभावना कम रहती है। यह गियरबॉक्स ट्रक और बसों में प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 5 (a) : सस्पेंशन सिस्टम की आवश्यकता एवं उसके भाग
सस्पेंशन सिस्टम का मुख्य उद्देश्य सड़क के झटकों को कम करना और वाहन को आरामदायक बनाना है। यह वाहन की स्थिरता और सड़क पकड़ बनाए रखता है।
मुख्य भाग:
स्प्रिंग, शॉक एब्जॉर्बर, कंट्रोल आर्म, स्टेबलाइज़र बार।
प्रश्न 5 (b) : टेलीस्कोपिक शॉक एब्जॉर्बर (स्केच सहित)
टेलीस्कोपिक शॉक एब्जॉर्बर में एक इनर ट्यूब और एक आउटर ट्यूब होती है। जब वाहन उबड़-खाबड़ सड़क पर चलता है तो तेल छोटे छिद्रों से होकर गुजरता है, जिससे झटके अवशोषित हो जाते हैं। इससे वाहन की सवारी आरामदायक होती है।
प्रश्न 6 (a) : विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicles)
वे वाहन जो किसी विशेष कार्य के लिए बनाए जाते हैं, विशेष प्रयोजन वाहन कहलाते हैं।
उदाहरण:
फायर टेंडर, एम्बुलेंस, क्रेन, रोड रोलर, डम्पर।
प्रश्न 6 (b) : मोटर ग्रेडर – कार्य एवं उपयोग
मोटर ग्रेडर एक भारी निर्माण वाहन है। इसका उपयोग सड़क निर्माण में सतह को समतल करने, मिट्टी फैलाने और ढाल बनाने में किया जाता है। यह सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में अत्यंत उपयोगी होता है।
