सामग्री की प्रबलता: तनाव, विकृति और प्रत्यास्थता स्थिरांक
सामग्री की प्रबलता (Strength of Materials – SOM)
संक्षिप्त उत्तर
1. तनाव (Stress) और विकृति (Strain)
- तनाव (Stress): जब किसी वस्तु पर बाहरी बल लगाया जाता है, तो वस्तु के अंदर उस बल का विरोध करने वाला एक ‘आंतरिक प्रतिरोधी बल’ (Internal Resisting Force) पैदा होता है। प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले इस बल को तनाव कहते हैं।
- सूत्र: Stress ($\sigma$) = \frac{Force (P)}{Area (A)}
- मात्रक: N/m² या Pascal (Pa).
- विकृति (Strain): बाहरी बल के कारण वस्तु के आकार या विमा (Dimension) में होने वाले परिवर्तन और उसके वास्तविक आकार के अनुपात को विकृति कहते हैं।
- सूत्र: Strain ($\epsilon$) = \frac{\text{Change in length (}\delta L)}{\text{Original length }(L)}
2. हुक का नियम (Hooke’s Law)
हुक के नियम के अनुसार, “प्रत्यास्थता सीमा (Elastic Limit) के भीतर, तनाव (Stress), विकृति (Strain) के सीधे आनुपातिक होता है।”
- $\sigma = E \times \epsilon$ (जहाँ $E$ यंग का गुणांक है)
3. इलास्टिक स्थिरांक (Elastic Constants)
- यंग का गुणांक (Young’s Modulus – E): अनुदैर्ध्य तनाव (Linear Stress) और अनुदैर्ध्य विकृति (Linear Strain) का अनुपात।
- बल्क गुणांक (Bulk Modulus – K): प्रत्यक्ष तनाव (Direct Stress) और आयतन विकृति (Volumetric Strain) का अनुपात।
- शियर गुणांक (Modulus of Rigidity – G/C): शियर तनाव (Shear Stress) और शियर विकृति (Shear Strain) का अनुपात।
- पॉइसन अनुपात (Poisson’s Ratio – $\mu$ या 1/m): पार्श्व विकृति (Lateral Strain) और अनुदैर्ध्य विकृति (Linear Strain) का अनुपात। इसका मान आमतौर पर 0.25 से 0.33 के बीच होता है।
4. तापीय तनाव (Thermal Stress)
जब किसी छड़ के तापमान को बदला जाता है और उसे फैलने या सिकुड़ने से रोका जाता है, तो उसमें उत्पन्न होने वाले तनाव को तापीय तनाव कहते हैं।
- सूत्र: $\sigma = E \alpha \Delta T$ (जहाँ $\alpha$ = रेखीय विस्तार गुणांक, $\Delta T$ = तापमान में परिवर्तन)
5. टॉर्शन (Torsion)
जब किसी शाफ्ट (Shaft) को घुमाया जाता है (Twisting moment लगाया जाता है), तो उसमें उत्पन्न होने वाले प्रभाव को टॉर्शन कहते हैं।
- Torsion Equation: $\frac{T}{J} = \frac{\tau}{R} = \frac{G\theta}{L}$
6. कॉलम और स्ट्रट (Column and Strut)
- कम्प्रेसन मेंबर: दोनों ही दबाव (Compression) झेलते हैं।
- अंतर: कॉलम हमेशा Vertical (खड़ा) होता है (जैसे मकान के पिलर), जबकि स्ट्रट किसी भी दिशा (Vertical, Horizontal या Inclined) में हो सकता है।
- बकलिंग (Buckling): जब एक लंबा कॉलम अधिक भार के कारण सीधा न रहकर बीच में से मुड़ जाता है, तो उसे बकलिंग कहते हैं।
7. शियर फोर्स और बेंडिंग मोमेंट (SFD & BMD)
- शियर फोर्स (Shear Force): किसी बीम के किसी सेक्शन पर लगने वाले सभी लंबवत बलों (Vertical Forces) का बीजगणितीय योग।
- बेंडिंग मोमेंट (Bending Moment): किसी सेक्शन पर लगने वाले सभी बलों के आघूर्णों (Moments) का योग, जो बीम को मोड़ने की कोशिश करता है।
पदार्थ की प्रबलता के महत्वपूर्ण क्षेत्र
पदार्थ की प्रबलता (SOM) के महत्वपूर्ण प्रश्नों में तनाव, विकृति और प्रत्यास्थता स्थिरांक ($E, G, K$) जैसी मूलभूत अवधारणाएँ, हल्के इस्पात के लिए तनाव-विकृति आरेख, तापमान तनाव, प्रमुख तनाव, बीम बेंडिंग सिद्धांत (SFD/BMD), मरोड़, स्तंभ और पतले/मोटे सिलेंडर शामिल हैं। इनमें परिभाषाओं, व्युत्पत्तियों (जैसे विकृति ऊर्जा, लैम के समीकरण) और अक्षीय भार, बेंडिंग और मरोड़ के लिए संख्यात्मक समस्या-समाधान पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। प्रमुख क्षेत्रों में परिभाषाएँ (लोच, तन्यता), स्थिरांकों के बीच संबंध, ऊष्मीय तनाव और SFD/BMD आरेख और स्तंभ डिजाइन जैसे अनुप्रयोग शामिल हैं।
बुनियादी सिद्धांत और प्रत्यास्थता स्थिरांक
माइल्ड स्टील के लिए स्ट्रेस-स्ट्रेन वक्र में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु होते हैं:
- आनुपातिक सीमा (Proportional Limit): जहाँ तक तनाव और विकृति सीधे आनुपातिक होते हैं (हुक का नियम लागू होता है)।
- प्रत्यास्थ सीमा (Elastic Limit): वह बिंदु जहाँ तक सामग्री अपने मूल आकार में वापस आ सकती है।
- उपज बिंदु (Yield Point – ऊपरी और निचला): वह बिंदु जहाँ सामग्री बिना तनाव बढ़ाए विकृत होने लगती है और स्थायी विरूपण शुरू होता है।
तनाव, विकृति और संबंधित गुण
तनाव, विकृति, प्रत्यास्थता, तन्यता, प्लास्टिसिटी, सुरक्षा गुणांक और लचीलापन की परिभाषाएं यहां दी गई हैं:
- तनाव (Stress): किसी वस्तु के अनुप्रस्थ काट के प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला आंतरिक प्रतिरोधी बल है।
- विकृति (Strain): लागू बल के कारण वस्तु के आयाम (लंबाई, आयतन, या कोण) में मूल आयाम के सापेक्ष परिवर्तन है।
- प्रत्यास्थता (Elasticity): किसी सामग्री का वह गुण है जिसके कारण वह बाहरी बल हटाए जाने के बाद अपने मूल आकार और आयतन को पुनः प्राप्त कर लेती है।
- तन्यता (Ductility): किसी सामग्री को टूटे बिना पतले तारों में खींचे जाने की क्षमता है।
- प्लास्टिसिटी (Plasticity): किसी सामग्री का वह गुण है जिसके कारण वह बाहरी बल हटाए जाने के बाद भी अपना आकार स्थायी रूप से बनाए रखती है।
- सुरक्षा गुणांक (Factor of Safety): सामग्री की अंतिम सामर्थ्य (ultimate strength) और अनुमेय सामर्थ्य (permissible strength) का अनुपात है, यह सुनिश्चित करता है कि संरचना सुरक्षित रहे।
- लचीलापन (Resilience): सामग्री की वह क्षमता है कि वह प्रत्यास्थ सीमा (elastic limit) के भीतर ऊर्जा अवशोषित कर सके और बल हटाने पर ऊर्जा मुक्त कर सके।
💡 आपके लिए अगला कदम:
चूँकि आपने बहुत अच्छे टॉपिक्स चुने हैं, क्या आप चाहेंगे कि मैं:
- Stress-Strain Diagram को विस्तार से (Proportional limit, Yield point, etc.) समझाऊँ?
- $\delta L = \frac{PL}{AE}$ पर आधारित कुछ आसान Numericals हल करके दिखाऊँ?
